Wednesday, October 9, 2013

जब धर्म ही मजाक बन जाये

धर्म में इतने अंधे मत बनो की धर्म ही मजाक बन जाये। भगवान् को हँसी का पात्र मत बनाओ। ये एक विकृति है जिसे तिलक लगा के गणेश बना दिया और आप लोग जय हो! जय हो! करने लगे। मुझ और आप जैसे साक्षर लोग ऐसी फोटोज पर अंधे होकर कमेंट्स लिखते है। आज शंकर छाप तम्बाकू पे भगवान् शिव का चित्र बना होता है, पाउच खाली होने पर सडको की शोभा बढ़ाते है। शादी समारोह के निमंत्रण पत्रिकाओ पर भी तो भगवन गणेश और राधा कृष्ण सुशोभित होते है, क्या आप वे कार्ड्स संभाल के रखते है? अगरबत्ती के पकेट्स पर भी हमारे देवता विराजित है जिन्हें खाली होने पर डस्टबिन के टूर पर भेज दिया जाता है। और हा लो अब तो दीवाली भी आ रही है अब पठाखो के डिब्बे पर जो की खाली होने पर नालिओ में नज़र आयेंगे और माता लक्ष्मी कस पूजन करके उन्ही के चीथड़े लक्ष्मी बम के रूप में उडाएँगे।
शर्म आती है मुझे क्या आप को भी आती है? या बेशर्मी का लाईसेंस ले लिया है।
बुरा लगे तो क्षमा करे और अच्छा लगे तो शेयर करे।

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पढ़ाई लिखाई के हिसाब से कला स्नातक और पेशे से शिक्षा मित्र हूँ।

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